Apr 11, 12:24 am
भागलपुर। अभी तक आप लोगों ने बड़े-बड़े हाकिमों, वैद्यों और डाक्टरों के बारे में सुना या पढ़ा होगा, जो गंभीर से गंभीर रोग का उपचार करने में सक्षम होंगे। लेकिन यहां बात थोड़ी अलग है, हम ऐसे कुएं का जिक्र कर रहे हैं जिसके पानी के सेवन से कई रोग भी छूमंतर हो जाते हैं। गंगापार के नारायणपुर प्रखंड के नगरपाड़ा गांव स्थित इस कुएं के पानी के सेवन से गैस, घेघा सहित अन्य कई असाध्य बीमारियों का उपचार वर्षो से कई गांवों के लोग करते रहे हैं। लोग कुएं के पानी को चमत्कार मान इसकी बड़ी श्रद्धा से पूजा-अर्चना करते हैं। ग्रामीणों ने इसे कुओं का राजा व डाक्टर कुआं जैसे उपनाम भी दिए हैं। साढ़े चार सौ साल पुराने इस कुएं के अंदर एक प्लेट लगी हुई है, जिस पर कुएं के निर्माण से जुड़ी बातें लिखी हुई हैं। 1634 ई. में नगरपाड़ा के तत्कालीन राजा गोड़ नारायण सिंह ने इतने बड़े कुएं का निर्माण मुगलों के आक्रमण से गांव की हिफाजत के लिए किया था। 25 हाथ लंबे व इतना ही चौड़ा कुआं काफी गहरा है। ग्रामीण त्रिभुवन सिंह के अनुसार कुएं का पानी हर मौसम में बदलता रहता है। गांव में होने वाले किसी भी समारोह में ग्रामीण इसी कुएं का पानी उपयोग में लाते हैं। कुएं की ख्याति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि देश के अन्य हिस्सों से लोग कुएं के पानी को लेने आते हैं। इसके साथ ही स्वस्थ होने पर कुएं की पूजा भी करते हैं। चुनाव के समय भी छोटे से बड़ा नेता गांव आता है तो वह कुएं पर जाकर अपनी मन्नत के लिए मत्था जरूर टेकता है। ग्रामीण मनोज सिंह, राणा कुमार, सुधीर सिंह सहित कई ग्रामीणों को इस बात का मलाल है कि इतने एतिहासिक व पौराणिक कुआं होने के बाद भी इसके जीर्णोद्धार के लिए सरकारी प्रयास आज तक नहीं किया गया है।
(Source: www.in.jagran.yahoo.com)
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